Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.29.19: देवताओं की सेना चार सौ मील तक फैली हुई थी। राक्षसराज रावण ने उसमें प्रवेश करके बाणों की वर्षा से समस्त देवताओं की सेना को ढक दिया।   |   ramayan सर्ग 7.29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.29.19 
तत: स योजनशतं प्रविष्टो राक्षसाधिप:।
देवतानां बलं सर्वं शरवर्षैरवाकिरत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
देवताओं की सेना चार सौ मील तक फैली हुई थी। राक्षसराज रावण ने उसमें प्रवेश करके बाणों की वर्षा से समस्त देवताओं की सेना को ढक दिया।
 
The army of the gods was spread over four hundred miles. The demon king Ravana entered inside it and covered the entire army of gods with a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)