Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.29.17: महाराज श्री राम! ऐसा कहकर इन्द्र रावण से युद्ध करना छोड़कर दूसरी ओर चले गए और युद्धस्थल में राक्षसों को भयभीत करते हुए उनसे युद्ध करने लगे॥17॥ | ramayan सर्ग 7.29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽन्यं देशमास्थाय शक्र: संत्यज्य रावणम्।
अयुध्यत महाराज राक्षसांस्त्रासयन् रणे॥ १७॥
अनुवाद
महाराज श्री राम! ऐसा कहकर इन्द्र रावण से युद्ध करना छोड़कर दूसरी ओर चले गए और युद्धस्थल में राक्षसों को भयभीत करते हुए उनसे युद्ध करने लगे॥17॥
Maharaja Shri Ram! Having said this, Indra gave up fighting with Ravana and went to the other side and started fighting with the demons in the battlefield, frightening them.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥