Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.29.14: यह अत्यन्त बलवान राक्षस इस सेना में अपने रथ पर सवार होकर वायु के समान वेग से आगे बढ़ेगा, जैसे पूर्णिमा के दिन समुद्र अपनी अशांत लहरों के साथ तेजी से आगे बढ़ता है।॥14॥ | ramayan सर्ग 7.29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह अत्यन्त बलवान राक्षस इस सेना में अपने रथ पर सवार होकर वायु के समान वेग से आगे बढ़ेगा, जैसे पूर्णिमा के दिन समुद्र अपनी अशांत लहरों के साथ तेजी से आगे बढ़ता है।॥14॥
This extremely powerful Rakshasa will advance through this army on his chariot as swift as the wind, just as rapidly as the sea with its turbulent waves moves on a full-moon day.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥