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ramayan 7.29.12: रावण का यह निश्चय जानकर युद्धस्थल में रथ पर बैठे हुए देवराज इन्द्र ने उन देवताओं से कहा-॥12॥   |   ramayan सर्ग 7.29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.29.12 
तस्य तं निश्चयं ज्ञात्वा शक्रो देवेश्वरस्तदा।
रथस्थ: समरस्थस्तान् देवान् वाक्यमथाब्रवीत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
रावण का यह निश्चय जानकर युद्धस्थल में रथ पर बैठे हुए देवराज इन्द्र ने उन देवताओं से कहा-॥12॥
 
Knowing this resolve of Ravana, Devaraj Indra, sitting on the chariot in the battle field said to those gods -॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)