Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.28.7: तत्पश्चात इन्द्र के पुत्र जयन्तदेव एक सुन्दर सुसज्जित रथ पर सवार होकर युद्ध के लिए आये।   |   ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  7.28.7 
तत: शक्रसुतो देवो जयन्त इति विश्रुत:।
रथेनाद्भुतकल्पेन संग्रामे सोऽभ्यवर्तत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात इन्द्र के पुत्र जयन्तदेव एक सुन्दर सुसज्जित रथ पर सवार होकर युद्ध के लिए आये।
 
Thereafter Indra's son Jayantadev arrived for the battle riding a beautifully decorated chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)