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ramayan 7.28.45: वह समुद्र के समान फैली हुई देवताओं की सेना में घुस गया और युद्धस्थल में देवताओं को मारकर तथा परास्त करके तुरन्त ही इन्द्र के समक्ष पहुँच गया।   |   ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.28.45 
स तं प्रतिविगाह्याशु प्रवृद्धं सैन्यसागरम्।
त्रिदशान् समरे निघ्नन् शक्रमेवाभ्यवर्तत॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
वह समुद्र के समान फैली हुई देवताओं की सेना में घुस गया और युद्धस्थल में देवताओं को मारकर तथा परास्त करके तुरन्त ही इन्द्र के समक्ष पहुँच गया।
 
He entered the army of gods that was spread out like the ocean and, killing and defeating the gods in the battle field, he immediately reached before Indra. 45.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)