Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.28.31: राक्षसों और निशाचर प्राणियों ने उस रथ को चारों ओर से घेर लिया था। युद्धभूमि की ओर बढ़ता हुआ रावण का वह दिव्य रथ महेन्द्र के सामने पहुँच गया। 31। | ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दैत्यैर्निशाचरैश्चैव स रथ: परिवारित:।
समराभिमुखो दिव्यो महेन्द्रं सोऽभ्यवर्तत॥ ३१॥
अनुवाद
राक्षसों और निशाचर प्राणियों ने उस रथ को चारों ओर से घेर लिया था। युद्धभूमि की ओर बढ़ता हुआ रावण का वह दिव्य रथ महेन्द्र के सामने पहुँच गया। 31।
Demons and night creatures had surrounded that chariot from all sides. Moving towards the battlefield, that divine chariot of Ravana reached in front of Mahendra. 31.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥