Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.28.25: तत्पश्चात् उस रथ के आगे वायु से व्याकुल होकर बिजली से भरे हुए महाकाय बादल जोर-जोर से गर्जना करने लगे।   |   ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.28.25 
ततो मेघा रथे तस्मिंस्तडित्त्वन्तो महाबला:।
अग्रतो वायुचपला नेदु: परमनि:स्वना:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उस रथ के आगे वायु से व्याकुल होकर बिजली से भरे हुए महाकाय बादल जोर-जोर से गर्जना करने लगे।
 
Thereafter, the mighty clouds filled with lightning, agitated by the wind in the front of that chariot, began to roar loudly. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)