Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.28.22: उधर, अपनी सेनाओं से घिरा हुआ रावण का पुत्र मेघनाद अत्यंत क्रोधित होकर देवताओं पर आक्रमण करने लगा और जोर से गर्जना करने लगा।   |   ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.28.22 
रावणिस्त्वथ संक्रुद्धो बलै: परिवृत: स्वकै:।
अभ्यधावत देवांस्तान् मुमोच च महास्वनम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उधर, अपनी सेनाओं से घिरा हुआ रावण का पुत्र मेघनाद अत्यंत क्रोधित होकर देवताओं पर आक्रमण करने लगा और जोर से गर्जना करने लगा।
 
On the other hand, surrounded by his armies, Ravana's son Meghnad became extremely angry and attacked the gods and roared loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)