Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.28.21: जब देवताओं को जयन्त के लुप्त होने का समाचार ज्ञात हुआ, तब वे अपना सारा सुख खो बैठे और शोक से भरकर सब दिशाओं में भागने लगे ॥ 21॥   |   ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.28.21 
ज्ञात्वा प्रणाशं तु तदा जयन्तस्याथ देवता:।
अप्रहृष्टास्तत: सर्वा व्यथिता: सम्प्रदुद्रुवु:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जब देवताओं को जयन्त के लुप्त होने का समाचार ज्ञात हुआ, तब वे अपना सारा सुख खो बैठे और शोक से भरकर सब दिशाओं में भागने लगे ॥ 21॥
 
When the Gods came to know about Jayanta's disappearance, they lost all their happiness and started running in all directions in grief. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)