श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.28.20 
संगृह्य तं तु दौहित्रं प्रविष्ट: सागरं तदा।
आर्यक: स हि तस्यासीत् पुलोमा येन सा शची॥ २०॥
 
 
अनुवाद
वे शची के पिता और जयंत के नाना थे। अतः उन्होंने अपने पौत्र सहित समुद्र में प्रवेश किया।
 
He was the father of Shachi and maternal grandfather of Jayanta. So he entered the ocean along with his grandson.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)