श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.28.16 
ततस्तद् दैवतबलं समन्तात् तं शचीसुतम्।
बहुप्रकारमस्वस्थमभवच्छरपीडितम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब शचीपुत्र के चारों ओर खड़ी हुई देवताओं की सेना बाणों से घायल होकर अनेक प्रकार से रोगी हो गई ॥16॥
 
Then the army of gods standing around Sachi's son were struck by the arrows and became ill in many ways. ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)