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ramayan 7.28.10: रावण के पुत्र मेघनाद और जयंत के सारथी मतलिपुत्र ने गोमुख पर स्वर्ण-जटित बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.28.10 
ततो मातलिपुत्रस्य गोमुखस्य स रावणि:।
सारथे: पातयामास शरान् कनकभूषणान्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
रावण के पुत्र मेघनाद और जयंत के सारथी मतलिपुत्र ने गोमुख पर स्वर्ण-जटित बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Mataliputra, the charioteer of Ravana's son Meghnad and Jayant, began showering gold-decorated arrows on Gomukh. 10.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)