Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.28.1-2: यह देखकर कि सुमाली मारा गया, वसुओं ने उसके शरीर को भस्म कर दिया, और देवताओं से पीड़ित मेरी सेना भाग रही है, रावण का बलवान पुत्र मेघनाद क्रोधित हो गया और उसने सब राक्षसों को पीछे हटा दिया और स्वयं देवताओं से युद्ध करने के लिए खड़ा हो गया॥1-2॥ | ramayan सर्ग 7.28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह देखकर कि सुमाली मारा गया, वसुओं ने उसके शरीर को भस्म कर दिया, और देवताओं से पीड़ित मेरी सेना भाग रही है, रावण का बलवान पुत्र मेघनाद क्रोधित हो गया और उसने सब राक्षसों को पीछे हटा दिया और स्वयं देवताओं से युद्ध करने के लिए खड़ा हो गया॥1-2॥
Seeing that Sumali was killed, the Vasus reduced his body to ashes, and my army, tormented by the gods, was fleeing, Ravana's powerful son Meghnad became enraged and drove back all the demons and stood up himself to fight the gods.॥ 1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥