Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.27.9: ‘अतः जैसे मैंने पहले आपकी शक्ति का आश्रय लेकर नमुचि, वृत्रासुर, बलि, नरक और शम्बर आदि दैत्यों को भस्म कर दिया था, वैसे ही इस बार भी इस दैत्य को मारने का उपाय कीजिए।॥9॥ | ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘अतः जैसे मैंने पहले आपकी शक्ति का आश्रय लेकर नमुचि, वृत्रासुर, बलि, नरक और शम्बर आदि दैत्यों को भस्म कर दिया था, वैसे ही इस बार भी इस दैत्य को मारने का उपाय कीजिए।॥9॥
‘Therefore, just as I had earlier, by taking shelter of your strength, burnt down the demons like Namuchi, Vritraasura, Bali, Naraka and Shambara, similarly, please find a way to kill this demon this time too.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥