Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.27.51-52: जब सभी राक्षसों ने युद्ध में सुमाली को मारा हुआ देखा, तो वे एक-दूसरे को पुकारते हुए चारों दिशाओं में भागने लगे। वसुका द्वारा पीछा किए गए राक्षस युद्धभूमि में खड़े नहीं रह सके। | ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब सभी राक्षसों ने युद्ध में सुमाली को मारा हुआ देखा, तो वे एक-दूसरे को पुकारते हुए चारों दिशाओं में भागने लगे। वसुका द्वारा पीछा किए गए राक्षस युद्धभूमि में खड़े नहीं रह सके।
When all the demons saw Sumali killed in the battle, they started running in all directions calling out to each other. The demons chased by Vasuka could not stand on the battlefield.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे सप्तविंश: सर्ग: ॥ २ ७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें सत्ताईसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ २ ७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥