Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.27.3: रावण का आगमन सुनकर इन्द्र अपने आसन से उठे और अपने चारों ओर एकत्रित हुए समस्त देवताओं से बोले-॥3॥   |   ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.27.3 
श्रुत्वा तु रावणं प्राप्तमिन्द्रश्चलित आसनात्।
देवानथाब्रवीत् तत्र सर्वानेव समागतान्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
रावण का आगमन सुनकर इन्द्र अपने आसन से उठे और अपने चारों ओर एकत्रित हुए समस्त देवताओं से बोले-॥3॥
 
On hearing of Ravana's arrival, Indra got up from his seat and spoke to all the gods gathered around him -॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)