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ramayan 7.27.26: तत्पश्चात् देवताओं और दानवों में घोर युद्ध छिड़ गया। भयंकर कोलाहल मच गया और दोनों ओर से नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा होने लगी॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.27.26 
ततो युद्धं समभवद् देवदानवरक्षसाम्।
घोरं तुमुलनिर्ह्रादं नानाप्रहरणोद्यतम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् देवताओं और दानवों में घोर युद्ध छिड़ गया। भयंकर कोलाहल मच गया और दोनों ओर से नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा होने लगी॥ 26॥
 
Then a fierce battle broke out between the Gods and the demons. There was a terrible uproar and a shower of various types of weapons began from both sides.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)