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श्लोक 7.27.26  |
ततो युद्धं समभवद् देवदानवरक्षसाम्।
घोरं तुमुलनिर्ह्रादं नानाप्रहरणोद्यतम्॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् देवताओं और दानवों में घोर युद्ध छिड़ गया। भयंकर कोलाहल मच गया और दोनों ओर से नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा होने लगी॥ 26॥ |
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| Then a fierce battle broke out between the Gods and the demons. There was a terrible uproar and a shower of various types of weapons began from both sides.॥ 26॥ |
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