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ramayan 7.27.25: तत्पश्चात् युद्धभूमि के मुहाने पर देवताओं की सेना दैत्यों की विशाल एवं अनन्त सेना को देखकर अत्यन्त व्याकुल हो उठी ॥25॥   |   ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.27.25 
ततो दैवतसैन्यानां संक्षोभ: समजायत।
तदक्षयं महासैन्यं दृष्ट्वा समरमूर्धनि॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युद्धभूमि के मुहाने पर देवताओं की सेना दैत्यों की विशाल एवं अनन्त सेना को देखकर अत्यन्त व्याकुल हो उठी ॥25॥
 
Thereafter, at the mouth of the battle field, the army of the gods was greatly agitated when they saw the vast and endless army of demons. ॥25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)