Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.27.24: जब वे पराक्रमी राक्षस सैनिक सुबह उठे, तो उन्होंने एक-दूसरे को देखा और बड़े हर्ष और उत्साह के साथ युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़े।   |   ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.27.24 
ते प्रबुद्धा महावीर्या अन्योन्यमभिवीक्ष्य वै।
संग्राममेवाभिमुखा अभ्यवर्तन्त हृष्टवत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जब वे पराक्रमी राक्षस सैनिक सुबह उठे, तो उन्होंने एक-दूसरे को देखा और बड़े हर्ष और उत्साह के साथ युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़े।
 
When those mighty demon soldiers woke up in the morning, they looked at each other and proceeded towards the battle field with great joy and enthusiasm.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)