श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.27.22 
ततो रुद्रा: सहादित्या वसवो मरुतोऽश्विनौ।
संनद्धा निर्ययुस्तूर्णं राक्षसानभित: पुरात्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर रुद्र, आदित्य, वसु, मरुद्गण और अश्विनीकुमार आदि देवता युद्ध के लिए तैयार होकर तुरन्त ही अमरावतीपुरी से निकलकर दैत्यों का सामना करने के लिए आगे बढ़े॥22॥
 
Thereafter, the gods Rudra, Aditya, Vasu, Marudgan and Ashwini Kumar etc. got ready for war and immediately came out of Amravatipuri and proceeded to face the demons. 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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