श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.27.21 
एतत् ते कथितं तत्त्वं देवराज शचीपते।
युद्धॺस्व विगतत्रास: सुरै: सार्धं महाबल॥ २१॥
 
 
अनुवाद
देवराज! मैंने ये सब बातें विस्तारपूर्वक आपसे कह दी हैं। हे महाबली शचीवल्लभ! अब आप देवताओं के साथ जाकर उस दैत्य के साथ निर्भय होकर युद्ध करें।॥21॥
 
Devraj! I have told you all these things in detail. O mighty Shachivallabh! Now you should go along with the gods and fight with that demon without any fear.'॥ 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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