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ramayan 7.27.20: मैं रावण को उसकी अग्रिम सेना सहित मार डालूँगा और देवताओं को प्रसन्न करूँगा; किन्तु यह तभी होगा जब मुझे पता चलेगा कि उसकी मृत्यु का समय आ गया है।   |   ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.27.20 
अहमेव निहन्तास्मि रावणं सपुर:सरम्।
देवता नन्दयिष्यामि ज्ञात्वा कालमुपागतम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
मैं रावण को उसकी अग्रिम सेना सहित मार डालूँगा और देवताओं को प्रसन्न करूँगा; किन्तु यह तभी होगा जब मुझे पता चलेगा कि उसकी मृत्यु का समय आ गया है।
 
I will kill Ravana along with his vanguard troops and make the gods happy; but this will happen only when I know that the time of his death has arrived.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)