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ramayan 7.27.13: अतः हे देवराज! आप ही मुझे ऐसा अचूक उपाय बताइए, जिससे मैं विजय प्राप्त कर सकूँ। क्या आप स्वयं चक्र और तलवार लेकर रावण से युद्ध करेंगे?॥13॥   |   ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.27.13 
तदाचक्ष्व यथातत्त्वं देवदेव मम स्वयम्।
असिचक्रसहायस्त्वं योत्स्यसे रावणं प्रति॥ १३॥
 
 
अनुवाद
अतः हे देवराज! आप ही मुझे ऐसा अचूक उपाय बताइए, जिससे मैं विजय प्राप्त कर सकूँ। क्या आप स्वयं चक्र और तलवार लेकर रावण से युद्ध करेंगे?॥13॥
 
‘Therefore, O lord of gods! You only tell me such an infallible solution, by which I can win. Will you yourself fight with Ravana with discus and sword?’॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)