श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.27.12 
त्वया सृष्टमिदं सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम्।
त्वामेव भगवन् सर्वे प्रविशन्तिं युगक्षये॥ १२॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! आपने ही स्थावर-जंगम प्राणियों सहित इस सम्पूर्ण जगत् की रचना की है और प्रलय के समय सभी प्राणी आपमें ही प्रवेश करते हैं॥12॥
 
O Lord! You have created this entire universe including the moving and immovable creatures and at the time of destruction all beings enter into you.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)