|
| |
| |
श्लोक 7.27.12  |
त्वया सृष्टमिदं सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम्।
त्वामेव भगवन् सर्वे प्रविशन्तिं युगक्षये॥ १२॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| हे प्रभु! आपने ही स्थावर-जंगम प्राणियों सहित इस सम्पूर्ण जगत् की रचना की है और प्रलय के समय सभी प्राणी आपमें ही प्रवेश करते हैं॥12॥ |
| |
| O Lord! You have created this entire universe including the moving and immovable creatures and at the time of destruction all beings enter into you.॥ 12॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|