Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.27.10: मधुसूदन! आप देवों के भी देव और प्रभु हैं। इस चराचर जगत में आपके अतिरिक्त और कोई नहीं है जो हम देवताओं का भरण-पोषण कर सके। आप ही हमारे परम आश्रय हैं॥10॥ | ramayan सर्ग 7.27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मधुसूदन! आप देवों के भी देव और प्रभु हैं। इस चराचर जगत में आपके अतिरिक्त और कोई नहीं है जो हम देवताओं का भरण-पोषण कर सके। आप ही हमारे परम आश्रय हैं॥10॥
Madhusudana! You are the god of the gods and the Lord. There is no one else in this animate and inanimate universe except you who can support us gods. You are our ultimate refuge.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥