श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.27.1 
कैलासं लङ्घयित्वा तु ससैन्यबलवाहन:।
आससाद महातेजा इन्द्रलोकं दशानन:॥ १॥
 
 
अनुवाद
कैलाश पर्वत पार करके महाबली दशमुख रावण अपनी सेना और घुड़सवारों के साथ इन्द्रलोक पहुंचा।
 
After crossing Mount Kailash the mighty Dasamukh Ravana along with his army and horsemen reached Indralok.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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