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नलकूबर द्वारा दिया गया श्राप उन सभी पतिव्रता स्त्रियों को बहुत अच्छा लगा, जिन्हें उसने अपहृत किया था। यह सुनकर वे सभी बहुत प्रसन्न हुईं।
All the faithful women whom he had kidnapped liked the curse given by Nalakubar. All of them were very happy on hearing it.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे ष ड् विंश: सर्ग: ॥ २ ६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें छब्बीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ २ ६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥