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ramayan 7.26.57-58: ब्रह्माजी सहित सभी देवता बहुत प्रसन्न हुए। रावण द्वारा संसार को पहुँचाए गए दुःख और उस राक्षस के वध के बारे में जानकर ऋषि-मुनि और पितरगण बहुत प्रसन्न हुए।   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 57-58
 
 
श्लोक  7.26.57-58 
पितामहमुखाश्चैव सर्वे देवा: प्रहर्षिता:॥ ५७॥
ज्ञात्वा लोकगतिं सर्वां तस्य मृत्युं च रक्षस:।
ऋषय: पितरश्चैव प्रीतिमापुरनुत्तमाम्॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी सहित सभी देवता बहुत प्रसन्न हुए। रावण द्वारा संसार को पहुँचाए गए दुःख और उस राक्षस के वध के बारे में जानकर ऋषि-मुनि और पितरगण बहुत प्रसन्न हुए।
 
All the gods including Brahma were very happy. The sages and ancestors were very pleased to know about the misery caused to the world by Ravana and also about the death of that demon. 57-58.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)