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ramayan 7.26.53-54h: पहले जल ग्रहण करके, स्नान करके तथा नेत्र आदि समस्त इन्द्रियों का स्पर्श करके उसने राक्षसराज को भयंकर शाप दे दिया ॥53 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 53-54h
 
 
श्लोक  7.26.53-54h 
गृहीत्वा सलिलं सर्वमुपस्पृश्य यथाविधि॥ ५३॥
उत्ससर्ज तदा शापं राक्षसेन्द्राय दारुणम्।
 
 
अनुवाद
पहले जल ग्रहण करके, स्नान करके तथा नेत्र आदि समस्त इन्द्रियों का स्पर्श करके उसने राक्षसराज को भयंकर शाप दे दिया ॥53 1/2॥
 
After first taking water and performing ritual ablution and touching all the senses like eyes etc., he gave a terrible curse to the demon king. 53 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)