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ramayan 7.26.48-49h: मैंने उसे सब कुछ सच-सच बता दिया, परन्तु उसका हृदय काम-मोह से व्याकुल था, इसलिए उसने मेरी बात नहीं सुनी।   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  7.26.48-49h 
मया तु सर्वं यत् सत्यं तस्मै सर्वं निवेदितम्॥ ४८॥
काममोहाभिभूतात्मा नाश्रौषीत् तद् वचो मम।
 
 
अनुवाद
मैंने उसे सब कुछ सच-सच बता दिया, परन्तु उसका हृदय काम-मोह से व्याकुल था, इसलिए उसने मेरी बात नहीं सुनी।
 
I told him everything truthfully, but his heart was overcome with lustful infatuation, so he did not listen to me. 48 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)