Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.26.45-46h: वह काँप रही थी। उसने गहरी साँस ली, हाथ जोड़े और जो कुछ हुआ था, सब विस्तारपूर्वक कहने लगी -॥45 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 45-46h
 
 
श्लोक  7.26.45-46h 
सा वै नि:श्वसमाना तु वेपमाना कृताञ्जलि:॥ ४५॥
तस्मै सर्वं यथातत्त्वमाख्यातुमुपचक्रमे।
 
 
अनुवाद
वह काँप रही थी। उसने गहरी साँस ली, हाथ जोड़े और जो कुछ हुआ था, सब विस्तारपूर्वक कहने लगी -॥45 1/2॥
 
She was trembling. She took a deep breath, folded her hands and began to tell everything that had happened in detail -॥ 45 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)