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ramayan 7.26.41-42h: उसकी मालाएँ टूटकर गिर पड़ीं, उसके सारे आभूषण अस्त-व्यस्त हो गए। रावण ने उसका भोग करके रम्भा को छोड़ दिया। उसकी दशा उस नदी के समान हो गई, जिसमें राजा हाथी क्रीड़ा कर रहा हो; वह अत्यंत व्याकुल हो गई।   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  7.26.41-42h 
सा विमुक्ता ततो रम्भा भ्रष्टमाल्यविभूषणा॥ ४१॥
गजेन्द्राक्रीडमथिता नदीवाकुलतां गता।
 
 
अनुवाद
उसकी मालाएँ टूटकर गिर पड़ीं, उसके सारे आभूषण अस्त-व्यस्त हो गए। रावण ने उसका भोग करके रम्भा को छोड़ दिया। उसकी दशा उस नदी के समान हो गई, जिसमें राजा हाथी क्रीड़ा कर रहा हो; वह अत्यंत व्याकुल हो गई।
 
Her garlands broke and fell down, all her ornaments were in disarray. After enjoying her, Ravana left Rambha. Her condition became like that of a river churned by a king elephant playing in it; she became extremely agitated. 41 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)