Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.26.31: रम्भा! यदि यह सिद्ध हो जाए कि तू मेरे पुत्र की पुत्रवधू है, तभी तू मेरी पुत्रवधू हो सकती है, अन्यथा नहीं।’ तब रम्भा ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर रावण को इस प्रकार उत्तर दिया-॥31॥   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.26.31 
सुतस्य यदि मे भार्या ततस्त्वं हि स्नुषा भवे:।
बाढमित्येव सा रम्भा प्राह रावणमुत्तरम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
रम्भा! यदि यह सिद्ध हो जाए कि तू मेरे पुत्र की पुत्रवधू है, तभी तू मेरी पुत्रवधू हो सकती है, अन्यथा नहीं।’ तब रम्भा ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर रावण को इस प्रकार उत्तर दिया-॥31॥
 
Rambha! If it is proved that you are my son's daughter-in-law, only then can you be my daughter-in-law, otherwise not.' Then Rambha said 'very good' and replied to Ravana in this manner -॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)