Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.26.28: रावण के ऐसा कहने पर रम्भा काँप उठी और हाथ जोड़कर बोली, 'प्रभु! आप प्रसन्न हों, मुझ पर दया करें। आपको ऐसा नहीं कहना चाहिए, क्योंकि आप मेरे गुरु हैं, मेरे पिता के समान हैं। ॥2 8॥ | ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमुक्ताब्रवीद् रम्भा वेपमाना कृताञ्जलि:।
प्रसीद नार्हसे वक्तुमीदृशं त्वं हि मे गुरु:॥ २८॥
अनुवाद
रावण के ऐसा कहने पर रम्भा काँप उठी और हाथ जोड़कर बोली, 'प्रभु! आप प्रसन्न हों, मुझ पर दया करें। आपको ऐसा नहीं कहना चाहिए, क्योंकि आप मेरे गुरु हैं, मेरे पिता के समान हैं। ॥2 8॥
Rambha trembled when Ravana said this and said with folded hands, 'Prabhu! Please be pleased, have mercy on me. You should not say such a thing because you are my Guru, like a father to me. ॥2 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥