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ramayan 7.26.27: तीनों लोकों के स्वामी और सृष्टिकर्ता, दस मुख वाला रावण आज आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन कर रहा है: हे सुंदरी! कृपया मुझे स्वीकार करें।'   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.26.27 
तदेवं प्राञ्जलि: प्रह्वो याचते त्वां दशानन:।
भर्तुर्भर्ता विधाता च त्रैलोक्यस्य भजस्व माम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तीनों लोकों के स्वामी और सृष्टिकर्ता, दस मुख वाला रावण आज आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन कर रहा है: हे सुंदरी! कृपया मुझे स्वीकार करें।'
 
The ten-faced Ravana, the lord of the lords of the three worlds and the creator, is today humbly requesting you with folded hands. Beautiful lady! Please accept me.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)