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ramayan 7.26.24: आज कौन तुम्हारे स्वर्णिम तन्तुओं से सुशोभित तथा स्वर्ण चक्र के समान विशाल विस्तार वाले, स्वर्ग के समान मूर्तिमान जघन-प्रदेश पर चढ़ेगा?’ 24॥   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.26.24 
सुवर्णचक्रप्रतिमं स्वर्णदामचितं पृथु।
अध्यारोक्ष्यति कस्तेऽद्य जघनं स्वर्गरूपिणम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
आज कौन तुम्हारे स्वर्णिम तन्तुओं से सुशोभित तथा स्वर्ण चक्र के समान विशाल विस्तार वाले, स्वर्ग के समान मूर्तिमान जघन-प्रदेश पर चढ़ेगा?’ 24॥
 
Who will climb today on your pubic area adorned with golden threads and with vast expansion like a golden disc, which looks like an idol like heaven?' 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)