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ramayan 7.26.2: तत्पश्चात् कैलाश के समान श्वेत कांति वाले शुद्ध चन्द्रमा का उदय हुआ और नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित रात्रिचर प्राणियों की वह विशाल सेना गहरी निद्रा में चली गई।   |   ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.26.2 
उदिते विमले चन्द्रे तुल्यपर्वतवर्चसि।
प्रसुप्तं सुमहत् सैन्यं नानाप्रहरणायुधम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कैलाश के समान श्वेत कांति वाले शुद्ध चन्द्रमा का उदय हुआ और नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित रात्रिचर प्राणियों की वह विशाल सेना गहरी निद्रा में चली गई।
 
Then, the pure Moon, having a white radiance like that of Kailash, rose and that huge army of night creatures equipped with various kinds of weapons went into deep sleep.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)