Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.26.19: उसकी जांघों का उठना-गिरना हाथी की सूँड़ के समान था। उसके हाथ ऐसे कोमल थे मानो वे (शरीर रूपी रसभरी के) नए पत्ते हों। वह सेना के बीच से गुज़र रही थी और रावण ने उसे देख लिया। | ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसकी जांघों का उठना-गिरना हाथी की सूँड़ के समान था। उसके हाथ ऐसे कोमल थे मानो वे (शरीर रूपी रसभरी के) नए पत्ते हों। वह सेना के बीच से गुज़र रही थी और रावण ने उसे देख लिया।
The rise and fall of her thighs was like the trunk of an elephant. Her hands were as soft as if they were new leaves (of the raspberry tree in the form of her body). She was passing through the army and Ravana saw her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥