Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.26.17: उनके कपोल आदि हरे चंदन से सुशोभित थे। वे छहों ऋतुओं में खिलने वाले नवीन पुष्पों की भीगी हुई मालाओं से सुशोभित थीं। अपनी असाधारण प्रभा, सौंदर्य, कांति और यश से वे उस समय साक्षात् लक्ष्मी के समान प्रतीत हो रही थीं। | ramayan सर्ग 7.26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके कपोल आदि हरे चंदन से सुशोभित थे। वे छहों ऋतुओं में खिलने वाले नवीन पुष्पों की भीगी हुई मालाओं से सुशोभित थीं। अपनी असाधारण प्रभा, सौंदर्य, कांति और यश से वे उस समय साक्षात् लक्ष्मी के समान प्रतीत हो रही थीं।
Her cheeks etc. were decorated with green sandalwood. She was adorned with wet garlands of new flowers that bloom in all the six seasons and with her extraordinary lustre, beauty, radiance and fame, she appeared like another goddess Lakshmi at that time. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥