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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.26.14 
एतस्मिन्नन्तरे तत्र दिव्याभरणभूषिता।
सर्वाप्सरोवरा रम्भा पूर्णचन्द्रनिभानना॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इतने में ही, समस्त अप्सराओं में सबसे सुन्दर, पूर्ण चन्द्राकार मुख वाली रम्भा, दिव्य वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित होकर, उस ओर आई।
 
Meanwhile, the most beautiful of all the Apsaras, Rambha with full moon-face, adorned with divine clothes and ornaments, came that way. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)