Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.25.49: मेरे कारण ही वे आप पर स्नेह रखते हैं, आपको अपना दामाद मानकर आपसे स्नेह रखते हैं; अतः आपको उनके कार्य की सफलता में उनकी सहायता करनी चाहिए।’ अपनी पत्नी की यह बात सुनकर मधु ने ‘ऐसा ही हो’ कहकर उनकी सहायता करने की सहमति दे दी। | ramayan सर्ग 7.25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरे कारण ही वे आप पर स्नेह रखते हैं, आपको अपना दामाद मानकर आपसे स्नेह रखते हैं; अतः आपको उनके कार्य की सफलता में उनकी सहायता करनी चाहिए।’ अपनी पत्नी की यह बात सुनकर मधु ने ‘ऐसा ही हो’ कहकर उनकी सहायता करने की सहमति दे दी।
He has affection for you because of me, he has affection for you considering you as his son-in-law; therefore you must help him in the success of his task.' On hearing this from his wife, Madhu agreed to help him saying 'So be it'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥