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सत्यवाग् भव राजेन्द्र मामवेक्षस्व याचतीम्॥ ४३॥
त्वयाप्युक्तं महाराज न भेतव्यमिति स्वयम्।
अनुवाद
'राजेन्द्र! तुम सत्यवादी हो - अपना वचन निभाओ। मैं तुमसे अपने पति के प्राणों की भीख माँगती हूँ, मेरी दुःखी बहन की ओर दृष्टि डालो, मुझ पर दया करो। महाराज! तुमने ही मुझे आश्वासन दिया था कि 'डरो मत।' अतः अपना वचन निभाओ।'
‘Rajendra! You are truthful – keep your word. I beg you for my husband's life, please look at me, my distressed sister, have mercy on me. Maharaj! You yourself had assured me saying, 'Don't be afraid.' So keep your word.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥