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ramayan 7.25.37-38h: रावण को स्वर्ग पर आक्रमण करते देख देवताओं के शत्रु बने सैकड़ों राक्षस भी उसके पीछे हो लिए।   |   ramayan सर्ग 7.25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  7.25.37-38h 
दैत्याश्च शतशस्तत्र कृतवैराश्च दैवतै:॥ ३७॥
रावणं प्रेक्ष्य गच्छन्तमन्वगच्छन् हि पृष्ठत:।
 
 
अनुवाद
रावण को स्वर्ग पर आक्रमण करते देख देवताओं के शत्रु बने सैकड़ों राक्षस भी उसके पीछे हो लिए।
 
Seeing Ravana attacking the heaven, hundreds of demons, who had become enemies with the gods, also followed him. 37 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)