Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.25.28-29h: यहाँ से हमारी कन्या का जो बलपूर्वक अपहरण हुआ है, वह तुम्हारी भ्रष्ट बुद्धि और पाप कर्मों का फल है, जो तुमने इस लोक में भोगा है। यह तुम्हें भलीभाँति जानना चाहिए।॥28 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यहाँ से हमारी कन्या का जो बलपूर्वक अपहरण हुआ है, वह तुम्हारी भ्रष्ट बुद्धि और पाप कर्मों का फल है, जो तुमने इस लोक में भोगा है। यह तुम्हें भलीभाँति जानना चाहिए।॥28 1/2॥
The forceful abduction of our girl from here is the result of your corrupt mind and sinful deeds, which you have suffered in this world. You should know this very well.'॥28 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥