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ramayan 7.25.20: रावण बोला, "मैं तुम्हारी बात समझ नहीं पा रहा हूँ। तुमने जिसका नाम मधु बताया है, वह कौन है?"   |   ramayan सर्ग 7.25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.25.20 
रावणस्त्वब्रवीद् वाक्यं नावगच्छामि किं त्विदम्।
कोऽयं यस्तु त्वयाऽऽख्यातो मधुरित्येव नामत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
रावण बोला, "मैं तुम्हारी बात समझ नहीं पा रहा हूँ। तुमने जिसका नाम मधु बताया है, वह कौन है?"
 
Ravana said, "I don't understand what you are saying. Who is the person whose name you have mentioned as Madhu?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)