श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.25.19 
ज्ञातींस्तान् धर्षयित्वेमास्त्वयाऽऽनीता वराङ्गना:।
त्वामतिक्रम्य मधुना राजन् कुम्भीनसी हृता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
"महाराज! आप इन असहाय स्त्रियों को उनके सगे-संबंधियों और मित्रों की हत्या करके उनका अपहरण करके लाए हैं। और यहाँ मधु ने आपके सिर पर लात मारकर और आपकी चचेरी बहन कुंभिनसी का अपहरण करके आपका अपमान किया है।"
 
"Maharaj! You have brought these helpless women abducted by killing their relatives and friends. And here Madhu has violated you by kicking your head and abducted your cousin Kumbhinasi."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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