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ramayan 7.25.14: यह सुनकर दशग्रीव ने कहा, 'बेटा, तुमने गलत किया है क्योंकि इस यज्ञ में प्रयुक्त सामग्री से इंद्र आदि मेरे शत्रुओं की भी पूजा की गई है।   |   ramayan सर्ग 7.25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.25.14 
ततोऽब्रवीद् दशग्रीवो न शोभनमिदं कृतम्।
पूजिता: शत्रवो यस्माद् द्रव्यैरिन्द्रपुरोगमा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर दशग्रीव ने कहा, 'बेटा, तुमने गलत किया है क्योंकि इस यज्ञ में प्रयुक्त सामग्री से इंद्र आदि मेरे शत्रुओं की भी पूजा की गई है।
 
On hearing this, Dashagriva said, 'Son, you have done wrong because my enemies like Indra and other gods have been worshipped with the materials used in this yajna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)