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ramayan 7.25.1: खर को राक्षसों की भयंकर सेना देकर और अपनी बहन को सांत्वना देकर रावण बहुत प्रसन्न और स्वस्थ हो गया॥1॥   |   ramayan सर्ग 7.25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.25.1 
स तु दत्त्वा दशग्रीवो बलं घोरं खरस्य तत्।
भगिनीं स समाश्वास्य हृष्ट: स्वस्थतरोऽभवत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
खर को राक्षसों की भयंकर सेना देकर और अपनी बहन को सांत्वना देकर रावण बहुत प्रसन्न और स्वस्थ हो गया॥1॥
 
Having given Khara a fearsome army of demons and having consoled his sister, Ravana became very happy and of sound mind.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)