Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.24.6: उस विमान में नागों, गन्धर्वों, ऋषियों, राक्षसों और दैत्यों की सैकड़ों कन्याएँ विलाप कर रही थीं।   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.24.6 
नागगन्धर्वकन्याश्च महर्षितनयाश्च या:।
दैत्यदानवकन्याश्च विमाने शतशोऽरुदन्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस विमान में नागों, गन्धर्वों, ऋषियों, राक्षसों और दैत्यों की सैकड़ों कन्याएँ विलाप कर रही थीं।
 
Hundreds of daughters of serpents, Gandharvas, sages, demons and devils were crying in that plane.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)